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💢गोल्ड इंस्टेंट💢सारधर्म परिवर्तन के आरोप को लेकर बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों से पूछताछ की।
️पॉइंट्स कलेक्ट,रुपईडीहा। शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए उपजिलाधिकारी नानपारा मोनालिसा जौहरी ने देर शाम रुपईडीहा नगर पंचायत कार्यालय परिसर में संचालित रैन बसेरा तथा नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए अलाव स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले रैन बसेरा पहुंचकर वहां ठहरने की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिस्तर, कंबल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की।
सारसीबीआई कोलकाता की आर्थिक अपराध शाखा ने नाबार्ड भोपाल से एग्रो क्लस्टर के नाम पर 13.99 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने फर्जी एग्रीमेंट कर लोन राशि की हेराफेरी की। परियोजना पूरी न होने पर खाता एनपीए घोषित हुआ।
इनाम, अरावली पर्वतमाला को नुकसान पहुंचाने वाले सरकारी निर्णयों के विरोध में रविवार को एनएसयूआई के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अंकित घारू के नेतृत्व में युवाओं ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार को चेताया कि यदि अरावली को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:48 PM IST
सारSRMU का AI-आधारित पाठ्यक्रम SRMU के AI, ML और Data Science प्रोग्राम्स इस क्षेत्र में सबसे आधुनिक हैं। L&T EduTech और IBM के साथ मिलकर बनाए गए इस पाठ्यक्रम में Machine Learning, Deep Learning, NLP और Computer Vision जैसे विषयों के साथ Ethical AI और क्लाउड एनालिटिक्स पर खास जोर दिया जाता है।
विस्तारFollow Usबलौदाबाजार जिले में निर्वाचन कार्य के दौरान लापरवाही और विद्यालय में अनुशासनहीनता के गंभीर मामले के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के सिमगा विकासखंड के तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
रिवॉर्ड्स इनवाइट,
सुपर ऑफर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बानसूरPublished by:अलवर ब्यूरोUpdated Sun, 21 Dec 2025 10:16 PM IST
विज़िट बोनस, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







