Global
  • Global
  • Türkiye
  • Việt Nam
  • México
  • Perú
  • Colombia
  • Argentina
  • Brasil
  • India
  • ประเทศไทย
  • Indonesia
  • Malaysia
  • Philippines
  • 中國香港
  • 中國台灣
  • السعودية
  • مصر
  • پاکستان
  • Россия
  • 日本
Download

कूपन ऑफर

दैनिक कमेंट

प्लेटिनम रजिस्टर

4.9 Version: V5.3.6

कलेक्ट, Inc

इनाम डाउनलोड

💢पॉइंट्स ईज़ी💢बहराइच/शिवपुर। परसा अगैया गांव में 10 वर्षीय विवेक वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में अदालत द्वारा आरोपी अनूप वर्मा को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भले ही पीड़ित परिवार को न्याय की अनुभूति हुई हो, लेकिन कानूनी रूप से यह मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। कानून के मुताबिक फांसी की सजा पाए किसी भी अभियुक्त के मामले में आगे की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से उच्च न्यायालय से होकर गुजरती है।

️मेगा कलेक्ट,सारभाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अयोध्या दौरे पर हैं। यहां वह 14 जिलों के 86 विधानसभा सीटों को लेकर मंथन करेंगे और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र भी देंगे।

अमरोहा। सरकारी अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को बीमारियों की जांच व इलाज कराने के लिए लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ता है। डॉक्टरों की भर्ती होने के बाद मरीजों की समस्या दूर होगी। सोमवार को भर्ती के लिए एमबीबीएस डॉक्टरों के इंटरव्यू होंगे। इन इंटरव्यू पर पिछले दिनों डीएम ने रोक लगाई थी। इसके बाद 12 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई थी।

टास्क स्टूडेंट, विस्तारFollow Usअनूपपुर जिला मुख्यालय में ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य बीते 8 वर्षों से जारी है, लेकिन आज तक इसका कार्य अधूरा है। लगातार दो विभागों के बीच जारी खींचतान के कारण काफी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बावजूद कार्य की रफ्तार में कोई सुधार नहीं होने से नगरवासी पूरी तरह से मायूस हैं। नगर के विकास को रफ्तार देने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का यह कार्य किया जा रहा था, लेकिन आज तक यह कार्य अधूरा ही है, जिसकी वजह से अनूपपुर नगर दो हिस्सों में विभाजित हो गया है। एक हिस्से पर जिला चिकित्सालय, न्यायालय भवन तथा स्कूल और कॉलेज है तो दूसरे हिस्से पर कलेक्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय तथा मुख्य बाजार है।

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:24 PM IST

छोटा वॉच, संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:45 AM IST

सुपर डाउनलोड गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।

संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Fri, 09 Jan 2026 10:52 PM IST

मोबाइल स्टूडेंट, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त

More Similar Apps

See All