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💢बड़ा कलेक्ट💢संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूंPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:54 PM IST
️अर्न,विस्तारFollow Usइंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
बाढड़ा। प्रदेश सरकार की वाटर शेयरिंग स्कीम से लंबे समय से समान पानी से वंचित रहे बाढड़ा, लोहारु, दादरी, भिवानी सहित समस्त दक्षिणी हरियाणा को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस बहुउद्देशीय योजना के लिए क्षेत्र के किसान पूर्व कृषि, वित्त मंत्री जयप्रकाश दलाल के आभारी रहेंगे।
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वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:56 AM IST
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:13 AM IST
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कम्पलीट सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।
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वेरिफाई फ्रेंड्स, संवाद न्यूज एजेंसी, लंबी (मुक्तसर)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:23 PM IST







