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️कम्पलीट फ्रेंड्स,विस्तारFollow Usराजस्थान के अलवर जिले में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला कलेक्टर ने बानसूर और नारायणपुर पंचायत समिति के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी करते हुए इसका आधिकारिक प्रारूप जारी कर दिया है।
विस्तारFollow Usरूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। तलाशी अभियान के दौरान खून से सने जूते और नक्सलियों का पिट्ठू बैग मिला है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मुठभेड़ में कोई नक्सली मारा गया या गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि 2-3 नवंबर की रात माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और थाना पुलिस की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए जंगल में गई थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी की।
कमाई, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:21 AM IST
बलरामपुर के परसपुर गांव के पास खेत में भरा पानी ।-संवाद
सारAjmer: अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम शास्त्री नगर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर संपन्न हुआ।
टेंडर पाम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ- फोटो : अमर उजाला
वीआईपी सब्सक्राइब,
गेम अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:अलीगढ़ ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 08:51 PM IST
फ्री कलेक्ट, 73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।







