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💢शेयर वॉच💢सारभागलपुर में एनटीपीसी कहलगांव में समर्थ मिशन के सहयोग से बायोमास को-फायरिंग पर क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली उत्पादन की संभावना, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि पर जोर दिया गया।
️डाउनलोड पॉइंट्स,संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:05 PM IST
गोल्डी ढिल्लों गैंग के दोनों शूटर।- फोटो : अमर उजाला
पुराना लाइक, राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यह एक्सीडेंट जीवद गांव के पास घटित हुआ है। देर शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे को भरतपुर रेफर कर दिया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय गोदारा- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसकी एक प्रेरक मिसाल मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदुली से सामने आई है, जहां सत्कार महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुष्मिता जाटवर ने संघर्ष से सफलता तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है।
सारउसहैत कस्बा के वार्ड नंबर 11 में सोमवार सुबह प्लॉट को समतल करने के दौरान दीवार गिर गई, जिसके नीचे तीन मजदूर दब गए। इनमें से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
कम्पलीट साइन अप, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य कर्मचारियों को नई सौगात दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। इस फैसले के बाद कर्मचारियों को अब मूल वेतन का 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इस बढ़ोतरी से प्रदेश के लगभग 3.9 लाख सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ होगा।
स्टूडेंट इंस्टेंट
विस्तारFollow Usमुंगेर जिले के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नया गांव चौक के समीप सोमवार देर शाम पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों ने हथियार के बल पर तीन युवकों के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका एक हाथ और एक पैर टूट गया, जबकि बीच-बचाव में आए दो अन्य युवक मामूली रूप से घायल हुए हैं।
अल्ट्रा रिवॉर्ड्स, बैतूल जिले का दो साल का निहाल धुर्वे अब नहीं रहा। पिता निखिलेश धुर्वे का गला भर आता है, जब वो बताते हैं कि अपने इकलौते बेटे को बचाने के लिए उन्होंने मजदूरी की कमाई से ज्यादा, रिश्तों का भरोसा दांव पर लगा दिया पर किस्मत ने साथ नहीं दिया।







