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💢ट्रांसफर टास्क💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sat, 29 Nov 2025 01:08 PM IST
️मासिक फ्रेंड्स,विस्तारFollow Usराजस्थान के बूंदी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। देई खेड़ा थाना क्षेत्र के पापड़ी लबान के पास कपास से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के ऊपर पलट गया। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रद्धालु ने कोटा के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:39 PM IST
साप्ताहिक रिवॉर्ड्स, सारBhilwara Slap Controversy: सीएनजी पंप विवाद में निलंबित आरएएस छोटूलाल शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि दीपिका उनकी वैध पत्नी हैं और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातें झूठी हैं। शर्मा ने खुद को पीड़ित बताया और कहा कि उनके खिलाफ गलत माहौल तैयार किया गया है।
विस्तारFollow Usबदायूं (यूपी) से मां पूर्णागिरि के दर्शन को जाते समय काली मंदिर क्षेत्र में एक श्रद्धालु की हालत बिगड़ गई। श्रद्धालु को डोली से भैरव मंदिर तक करीब तीन किलोमीटर लाकर 108 सेवा से उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया गया। श्रद्धालु को दिल का दौरा पड़ने का अंदेशा जताया गया है।
सारबिलासपुर रेल हादसे में मृत लोको पायलट विद्यासागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा एवं विवाह का जिम्मा क्लीन कोल इन्टरप्राईजेस प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी ने लिया है। कम्पनी के संचालक संजय अग्रवाल ने लिखित पत्र जिला कलेक्टर एवं डीआरएम रेल्वे बिलासपुर को सौंपा है।
रिसीव सब्सक्राइब,
वेरिफाई ट्रांसफर विस्तारFollow Usछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक करीब 8 माह की अवधि में कुल 402 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 64 बच्चों ने रास्ते में, 83 बच्चों की घर पर और 255 बच्चों की अस्पताल में डिलीवरी के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ा। कुल 16,912 डिलीवरी में से 402 नवजातों की मृत्यु दर्ज की गई है।
भरतपुर के थाना मथुरा गेट क्षेत्र की ब्रजनगर कॉलोनी में शनिवार दोपहर अचानक फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी देरावर भाटी और सीओ सिटी पंकज यादव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
डिस्काउंट विन, बदायूं जिले में किसानों ने खेतों के चारों ओर तारबंदी की हुई है, कुछ ने तो अपने खेत की मेड़ों पर लोहे के टिनशेड भी लगा रखे हैं, बावजूद इसके छुट्टा पशु इन्हें तोड़कर खेतों में घुस फसल नष्ट कर जा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को भीषण सर्दी में खेतों में घूमकर और मचानों पर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। खेत की रखवाली के दौरान छुट्टा पशु हमलावर भी हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें अपनी जान का भी खतरा रहता है।







