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राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
वीआईपी ट्रांसफर, विस्तारFollow Usपंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:भीलवाड़ा ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 03:11 PM IST
सारMunger Crime: मुंगेर के जमालपुर में हत्या और गोलीबारी के दो मामलों में चार साल से फरार चंदन यादव के खिलाफ पुलिस ने कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। एसपी के निर्देश पर घर की संपत्ति जब्त की गई, जबकि आरोपी अब भी फरार है।
वीआईपी वीडियो, राजस्थान के बीकानेर जिले में कक्षा 12 की एक छात्रा के अपहरण और चलती कार के अंदर सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह घटना 6 जनवरी को नापासर थाना क्षेत्र में हुई थी, हालांकि छात्रा के परिजनों की शिकायत के बाद 11 जनवरी को मामला दर्ज किया गया।
गोल्ड विन राजस्थान के सीकर, भरतपुर, बांसवाड़ा और जयपुर समेत कई जिलों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब तक कम से कम 2 मासूमों की जान जा चुकी है और कई की हालत बिगड़ी हुई है। सिरप पीने के बाद उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। अभिभावकों का कहना है कि यह दवा सरकारी डॉक्टरों की सलाह पर दी गई थी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Tue, 30 Dec 2025 05:46 PM IST
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