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💢बड़ा कलेक्ट💢छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी का नाराजगी पत्र वायरल- फोटो : अमर उजाला
️इनाम,अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकीPublished by:ishwar ashishUpdated Sun, 11 Jan 2026 04:50 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क,अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Thu, 25 Dec 2025 06:57 PM IST
वॉच मोबाइल, सारमध्यप्रदेश में घना कोहरा और शीतलहर का असर जारी है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कम विजिबिलिटी के कारण यातायात और रेल सेवाएं प्रभावित हैं। तेज ठंड को देखते हुए 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी और कुछ जिलों में समय बदला गया है।
बानसूर और हाजीपुर के किलों की अनदेखी में हो रही दुर्दशा- फोटो : अमर उजाला
औरैया। इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद भले ही प्रशासन अलर्ट मोड में होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
स्टूडेंट ईज़ी, सद्दरपुर (अंबेडकरनगर)। सम्मनपुर के पंजूपुर में स्थित ईंट भट्ठे पर रविवार देर रात झारखंड निवासी युवक मिथुन भुईया (20) का शव पीपल के पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटकता मिला।
अतिरिक्त ऑफर बाह। बिजकौली के बेसमेंट हादसे में मृतकों के परिजन से संवेदना जताकर बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने तहसील प्रशासन को मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। बिजकौली गांव में 14 दिसंबर को निर्माणाधीन बेसमेंट की ढ़ही दीवार के मलबे में 7 लोग दब गए थे। जिनमें से हीरालाल एवं योगेश कुमार उर्फ योगेंद्र की मौत हो गई थी। उत्तम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सुनील कुमार, रामेंद्र सिंह, कल्लू घायल हुए थे। सोमवार को बाह की विधायक पक्षालिका सिंह बिजकौली गांव में पहुंची, बेसमेंट हादसे की जानकारी ली। मौके से ही तहसील प्रशासन से बात की और मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इस दौरान बाह के ब्लॉक प्रमुख लाल सिंह चौहान, सुनील बाबू, चंदू भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, अल्केंद्र सिंह जादौन, जयपाल सिंह आदि रहे।
बागेश्वर। कपकोट के शामा क्षेत्र में जुड़वा भाई-बहन की आधार कार्ड संख्या एक ही होने का मामला सामने आया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आधार संख्या को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्दी दोनों को अलग-अलग आधार कार्ड मिलेंगे।
बोनस डिपॉजिट, बलिया। जिले में नहरों पर ग्रामीण व किसानों को आने-जाने के लिए पुलियों का निर्माण किया गया है। ऐसे में अधिकांश पुलिया जर्जर होने के कारण हादसे का भय बना रहता है। जिले में नहरों पर कम से कम 500 से अधिक पुलिया गांव के लोगों व किसानों को आने जाने के लिए बनाई गई है।







