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💢गोल्ड ऑनलाइन💢छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ धान खरीदी अभियान अब महाअभियान का रूप ले चुका है। राज्य में अब तक 16.95 लाख पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। समर्थन मूल्य के तहत किसानों को अब तक 20 हजार 753 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जा चुकी है। समय पर भुगतान से न केवल किसानों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
️डायमंड कम्पलीट,सारMuzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के पानापुर हाईस्कूल में इंटर परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड न मिलने से हंगामा हुआ। सड़क जाम के बाद प्रशासन ने प्रधानाचार्य व प्रधान लिपिक को निलंबित किया। 169 छात्रों की परीक्षा 45 दिनों में कराने का आश्वासन दिया गया।
कुख्यात ईरानी गैंग का सरगना राजू ईरानी।- फोटो : अमर उजाला
प्रीमियम डिपॉजिट, विस्तारFollow Usभरतपुर के थाना मथुरा गेट क्षेत्र की ब्रजनगर कॉलोनी में शनिवार दोपहर अचानक फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी देरावर भाटी और सीओ सिटी पंकज यादव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलने पर कांग्रेस मुखर हो गई है। केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी चरणबद्ध तरीके से विरोध करेगी। शनिवार को पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र दुबे राजन के आवास पर मनरेगा कोआर्डिनेटर सुरेश चंद्र मिश्र ने पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी। कहा कि केंद्र सरकार के जन विरोधी निर्णय के विरोध में कांग्रेस पार्टी 25 फरवरी तक देशव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम चलाएगी। 11 जनवरी को एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध, 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क, चौपाल का आयोजन होगा। 30 जनवरी को ब्लॉक पर धरना और 31 जनवरी से छह फरवरी तक जिला स्तरीय मनरेगा बचाओ धरना होगा। सात से 15 फरवरी तक राज्य स्तर और 16 से 25 फरवरी तक आंचलिक स्तर पर रैली निकाली जाएगी।
बुजुर्ग को घर से ले जाती बदायूं एसओजी।- फोटो : वीडियो ग्रैब
सारबिलासपुर हाईकोर्ट ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर मर्डर केस में आरोपी दिनेश चंद्राकर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मुकेश चंद्राकर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर के पत्रकार थे।
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टास्क ईज़ी सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।
चंपावत। जिला अस्पताल में लोगों को एमआरआई की सुविधा भी मिलेगी। आईसीआईसीआई फाउंडेशन की ओर से सीएसआर मद से एमआरआई मशीन की स्थापना की जा रही है।
छोटा सर्वे, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:46 PM IST







