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💢रिसीव वेरिफाई💢अयोध्या। प्रदेश स्तरीय पुरुष एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार को डाभासेमर स्टेडियम में किया गया। पहले दिन खेले गए मुकाबलों में अयोध्या के सचिन पाल ने 3000 मीटर स्टेपल चेज स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। इस स्पर्धा में बस्ती के उमाशंकर को रजत तथा बरेली के जयचंद यादव को कांस्य पदक प्राप्त हुआ।
️कमाई,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगरPublished by:ग्वालियर ब्यूरोUpdated Sat, 28 Jun 2025 11:34 AM IST
1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
विशेष साइन अप, विस्तारFollow Usजिले में नशे के नेटवर्क और मादक पदार्थों की सप्लाई पर नकेल कसने के लिए पुलिस और डीएसटी लगातार फील्ड में सक्रिय है। इसी सिलसिले में शुक्रवार रात शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां फास्ट फूड की दुकान को सिगरेट-कबाब और बर्गर बेचने की आड़ में नशीले पदार्थों की बिक्री का अड्डा बना दिया गया था। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 2.74 किलोग्राम अवैध गांजा पाउडर बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा कल- फोटो : अमर उजाला
रिसीव सब्सक्राइब, संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:44 AM IST
लॉग इन अमेठी सिटी। जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में चले मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के दौरान 9,346 (पीडब्ल्यूडी)दिव्यांग मतदाता मिले हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से चिह्नित मतदाताओं को नोटिस भेजने की कवायद की जा रही है।
ऑनलाइन, जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।







