विशेष ऑफर
गोल्ड डिपॉजिट
कमेंट ऐप, Inc
कूपन रिवॉर्ड्स
💢पुराना सर्वे💢
️फ्री,
गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
बड़ा फ्री,
अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:विजय पुंडीरUpdated Sat, 20 Dec 2025 08:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियरPublished by:ग्वालियर ब्यूरोUpdated Sun, 07 Dec 2025 12:39 PM IST
कैश,
दैनिक सब्सक्राइब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/श्रीगंगानगर/बांसवाड़ाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 10 Nov 2025 10:30 PM IST
नया ट्रांसफर, सिणधरी उपखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में उस वक्त हंगामा हो गया, जब छात्राओं ने वार्डन, उसकी बहन और एक सुरक्षा गार्ड पर मारपीट तथा प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया गया। घटना के बाद छात्रावास और विद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।







