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️बोनस,मकर संक्रांति का पर्व, जो पारंपरिक रूप से खिचड़ी के बिना अधूरा सा लगता है, इस वर्ष एक विशेष संयोग के कारण अपने पारंपरिक स्वरूप में नहीं मनाया जा सकेगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ-साथ षटतिला एकादशी का भी पर्व पड़ रहा है, जो 19 वर्षों बाद ऐसा संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल से बनी किसी भी सामग्री का सेवन वर्जित होता है।
-खजांची बाजार स्थित श्री रघुनाथ मंदिर में रामचरित मानस के सुंदरकांड का पाठ अपराह्न तीन बजे से।
डाउनलोड वीडियो, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर/बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 09:57 PM IST
बलिया l जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को शिष्टाचार भेंट की। कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति पर चर्चा की। विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रगति, वित्तीय सहायता, कर्मचारियों की नियुक्ति आदि विषयों पर कुलपति ने मुख्यमंत्री से सार्थक चर्चा हुई। कुलपति ने विश्वविद्यालय की कठिनाइयों से भी अवगत कराया। विश्वविद्यालय के भवनों के प्रथम चरण का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुलपति ने मुख्यमंत्री से इन भवनों के लोकार्पण के लिए समय देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए शासन स्तर से सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कहा कि बलिया जनपद उत्तर प्रदेश के पूर्वी सीमान्त पर स्थित है, जिसके विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। सरकार निश्चित रूप से इसके विकास में हर संभव योगदान देने को तत्पर है।
विस्तारFollow Usसऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शव को भारत लाने के लिए इंतजार कर रहे मृतक के परिवारजनों का इंतजार एक महीने बाद खत्म हुआ है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्तूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गया था। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमार्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में अत्यधिक विलंब हुआ।
मोबाइल ईज़ी, सारशादी के एक दिन बाद ही गई दुल्हन लौट आई है। दुल्हन पति के साथ रहना चाहती है। उसने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताया। पति व उसके परिवार वाले उसे साथ नहीं ले जाना चाहते।
पॉइंट्स गेट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 28 Oct 2025 02:16 PM IST
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