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💢कमाई ऐप💢बहराइच। तराई में मौसम लगातार करवट ले रहा है। शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। कोहरे के कारण सड़कें और गलियां लगभग सुनसान नजर आईं, वहीं कर्मचारियों, दुकानदारों और घर से निकले आम नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
️नया रिसीव,संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Sun, 11 Jan 2026 08:35 PM IST
बालोद जिले को देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन की कमान मिली है, जो कि नौ जनवरी से शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बच्चे इस जंबूरी में पहुंचकर काफी खुश हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें ये उनका दूसरा घर जैसा लग रहा है और समय पर खाना और एक अच्छी व्यवस्था मिल रही है। यहां पर सुवा और डंडा नृत्य के लिए विशेष प्रशिक्षण नौ हजार बच्चों द्वारा किया जा रहा है, जिसके प्रस्तुति वे आयोजन के दौरान देंगे।
अल्ट्रा मोबाइल, सारAlwar:गेमिंग यूट्यूबर बनने की चाह में 15 वर्षीय नाबालिग कर्नाटक से अलवर पहुंच गया। परिजनों की शिकायत पर कर्नाटक व अलवर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर पिता से मिलवाया।पढ़ें पूरी खबर
सारराजस्थान सरकार द्वारा बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए फेरबदल से पश्चिमी राजस्थान में सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस ने इसे जनविरोधी बताते हुए विरोध शुरू कर दिया, जबकि भाजपा इसे प्रशासनिक संतुलन का फैसला बता रही है।
मध्यप्रदेश में ठंड और कोहरे का असर और गहरा होता जा रहा है। गुरुवार सुबह प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान लुढ़क गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में हालात इतने सख्त रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं। ठंड का असर पढ़ाई पर भी पड़ा है। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए आदेश जारी किए हैं कि अब आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
गोल्ड वेरिफाई, बलरामपुर। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर जिलेभर में विश्व युवा दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शैक्षिक संस्थानों में विविध कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को राष्ट्र निर्माण, आत्मबल और चरित्र निर्माण का संदेश दिया गया।
गोल्ड ऑनलाइन दिबियापुर। आंकड़ों में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। हकीकत में सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश रात में गेहूं की फसल बर्बाद कर रहे हैं। फसल की रखवाली को लेकर किसान सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे जागकर चौकसी करने को मजबूर हैं।
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