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💢पैसे💢बैरिया। ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। पर्व पर श्रद्धालु पवित्र नदियों एवं जलाशयों में स्नान कर खिचड़ी एवं तिल के लड्डू आदि का दान करेंगे। इस बार संक्रांति देवी का वाहन बाघ एवं उपवाहन अश्व है। सनातन धर्म में मकर संक्रांति पर्व का विशेष महत्व है।
️सब्सक्राइब विन,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
स्टूडेंट ऐप, जिले के ग्राम मोहारा निवासी खोमेंद्र साहू की 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से दर्दनाक मौत हो गई। जिला अस्पताल पुलिस चौकी से शनिवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, खोमेंद्र ने ग्राम कोचेरा में टेंट लगाने का काम किया था। 19 दिसंबर को टेंट निकालकर गाड़ी पर लोड करने के लिए वे ऊपर चढ़े, तभी ऊपर गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए।
विस्तारFollow Usइक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अक्सर निवेशक धर्मसंकट में फंस जाते हैं। उन्हें लार्ज-कैप फंड्स की स्थिरता चुननी चाहिए, मिड-कैप की ग्रोथ या फिर स्मॉल-कैप फंड्स का हाई रिटर्न? इस उलझन का एक सरल और प्रभावी समाधान है- फ्लेक्सी-कैप फंड।
सर्वे ऐप, विस्तारFollow Usअनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील स्थित मोजर बेयर पावर लिमिटेड कंपनी द्वारा सरकारी व वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। युगलपीठ ने अनावेदकों को जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
साप्ताहिक ऑफर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवरPublished by:अलवर ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 12:10 PM IST
सारअक्सर निवेशक लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप फंड्स के बीच चयन करने में भ्रमित रहते हैं। फ्लेक्सी-कैप फंड इस धर्मसंकट का एक प्रभावी समाधान है, जो एक ही जगह पर स्थिरता और ग्रोथ दोनों प्रदान करता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
वेरिफाई ऑफर, बलरामपुर। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रविवार को कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में एक दिवसीय उपवास रखा। जिलाध्यक्ष शिवलाल कोरी ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने, मजदूरों की उपेक्षा करने और समय पर मजदूरी भुगतान न किए जाने का आरोप लगाया।







