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💢पैसे💢विस्तारFollow Usराष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भरतपुर जिला स्तरीय समारोह में उस समय हंगामा मच गया, जब कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भाजपा पदाधिकारियों ने उच्चैन एसडीएम धारा मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मौके पर मौजूद जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को हस्तक्षेप कर मामला शांत कराना पड़ा।
️गेट ऐप,वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:29 AM IST
अबोहर में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान लवप्रीत (28) निवासी राजपुरा (पटियाला) के रूप में हुई है।
विज़िट, ईद-उल-अजहा के अवसर पर बुरहानपुर में आस्था और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। जिले की प्रमुख ईदगाहों में एक लाख से अधिक मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की नमाज़ अदा की। सबसे बड़ी भीड़ सिंधिबस्ती की शाही ईदगाह में देखी गई, जहां नमाज़ियों की कतारें ईदगाह से लेकर एक किलोमीटर तक सड़कों पर फैली रहीं।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में महज 350 रुपए की उधारी को लेकर हुए विवाद ने खून-खराबे का रूप ले लिया। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
भिंड जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी को इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। कस्बे के ही रहने वाले 24 वर्षीय युवक गौतम सेन ने छात्रा को पहले दोस्ती के झांसे में लिया और लगातार बातचीत शुरू की। उसके बाद बातचीत के दौरान नाबालिग का AI के ज़रिए अश्लील वीडियो बनाया और ब्लेकमेल करने लगा। पीड़िता ने परिजनों को बताया कि उसके बाद पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मासिक सर्वे, अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:41 PM IST
रिसीव
ललित कुमार सिंहUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:34 AM IST
मोबाइल, भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।







