दैनिक ईज़ी
इंस्टेंट ऑनलाइन
साइन अप ईज़ी, Inc
विशेष कमेंट
💢छोटा गेम💢- पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने 2026 का विजन साझा किया
️डिस्काउंट इनवाइट,कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 09:01 PM IST
फ्रेंड्स पैसे, विस्तारFollow Usभरतपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के जघन्य मामले में विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय संख्या-2 ने आरोपी मूलचंद मीणा को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी का पुत्र साहब सिंह पहले ही इसी मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। न्यायाधीश सचिन गुप्ता की अदालत ने नौ साल पुराने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया।
विस्तारFollow Usपटना उच्च न्यायालय ने आज बिहार पुलिस की लापरवाही और कानून के साथ खिलवाड़ करने पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि एक नाबालिग लड़के को, जिसे चोरी के झूठे आरोप में दो महीने से अधिक समय तक गैरकानूनी रूप से जेल में रखा गया, उसे 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस और मजिस्ट्रेट की लापरवाही के कारण एक किशोर का जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार छीना गया है।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।Published by:प्रगति चंदUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:41 PM IST
सब्सक्राइब विथड्रॉ, विस्तारFollow Usपंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।
कूपन रजिस्टर चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:55 AM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 29 Dec 2025 07:38 PM IST
अतिरिक्त शेयर, विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।







