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💢विथड्रॉ पैसे💢न्यूज डेस्क अमर उजाला बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Wed, 03 Dec 2025 07:58 PM IST
️अल्ट्रा कमाई,वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:30 PM IST
73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
शेयर, विस्तारFollow Usआगरा के थाना एकता के नौफरी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। महिला के पति और ससुरालीजन शव छोड़कर भाग गए। पड़ोसियों ने फोन कर मायके वालों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जिला अस्पताल में मरीज का इलाज करते फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय। -संवाद
विस्तारFollow Usअलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक राव दानिश हत्याकांड में शामिल हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों जुबैर, यासिर व फहद की तलाश में जिला पुलिस के साथ-साथ अब एसटीएफ भी लग गई है। कुछ ऐसे पुराने पुलिसकर्मियों से भी इनपुट जुटाया जा रहा है, जो पूर्व में अलीगढ़ में रहे हैं।
टास्क पॉइंट्स,
कैश अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:06 PM IST
आगरा। बल्केश्वर वार्ड से पार्षद मुरारी लाल गोयल पेंट ने प्राचीन बल्केश्वर महादेव मंदिर परिसर को उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। सोमवार को नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को दिए पत्र में उन्होंने कहा कि शिव लोक थीम पार्क पार्क के रूप में विकसित कर इसमें भगवान शिव के सभी 19 स्वरूपों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं। साथ ही नंदी द्वार, शिव स्तुति पर आधारित साउंड एवं लाइट शो और फव्वारों की व्यवस्था की जाए। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भावी पीढ़ी को समृद्ध आध्यात्मिक संस्कृति का बोध भी होगा।
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