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💢प्रीमियम टास्क💢विस्तारFollow Us1954 से 2024 तक- 27 बार देश के तत्कालीन राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से किसी-न-किसी को नवाजा। ज्यादातर बार सूची में एक नाम रहे। कुछ बार दो या अधिक नाम। 'भारत रत्न' सम्मान इस साल दिए जाएंगे, इसकी गारंटी नहीं। लेकिन, इसपर चर्चा खूब चल निकली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने मित्र और लंबे समय तक उनकी पार्टी के राष्ट्रीय चेहरा रहे केसी त्यागी ने उनके लिए 'भारत रत्न' की मांग दिल्ली में की, हंगामा बिहार में मचा। हंगामे को बढ़ाया तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के लिए भी इसी सम्मान की मांग कर। तो, क्या आगे जब भी 'भारत रत्न' का एलान होगा तो किसी बिहारी का नाम होगा? सवाल इसलिए भी, क्योंकि 2024 में 'भारत रत्न' के एलान ने बिहार की राजनीति सीधे पलट दी थी।
️सिल्वर इनाम,सारमाओवादी विरोधी अभियान में शहीद आरक्षक दिनेश नाग की पत्नी पूजा नाग को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत 1.10 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया। पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में यह आर्थिक सहायता परिवार के लिए संबल और सम्मान का प्रतीक बनी।
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सारदरभंगा एयरपोर्ट पर एप्रन में जगह की कमी के कारण हैदराबाद से आई इंडिगो फ्लाइट को करीब डेढ़ घंटे तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। ईंधन स्थिति के चलते विमान की रांची में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिसके बाद यात्रियों को राहत मिली।
नजीबाबाद। भारतीय जनता पार्टी की ओर से एसआईआर के संबंध में नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों और मंडल पदाधिकारी की कार्यशाला हुई। चौ.चरण सिंह सभागार में ब्लाॅक प्रमुख तपराज सिंह ने सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से फॉर्म छह, फॉर्म सात फॉर्म आठ व सभी बूथों पर उपलब्ध मतदान सूचियों का मिलान करने की अपील की। उन्होंने फॉर्म छह, फॉर्म सात फार्म आठ भरे जाने का कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्षों को प्रशिक्षण कराया। उन्होंने सभी बूथ अध्यक्षों को अपने दायित्वाें का निभाने और बूथों पर पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई। बैठक में मंडल अध्यक्ष कमल सैनी, भूपेंद्र राजपूत, जिग्नेश कुमार, वीरेंद्र शर्मा, महिपाल सिंह, राजवीर चौहान, मुकुल रंजन दीक्षित, नमन गुप्ता, संजीव राठी, सचिन देशवाल आदि मौजूद रहे।
विशेष लाइक, जिले के अर्जुनसर गांव निवासी 22 वर्षीय अजय गोदारा की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई। धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध के मोर्चे पर भेजे गए अजय का शव बुधवार को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से परिजन उसे गांव लेकर आए और अंतिम संस्कार किया गया। परिवार का आरोप है कि शव पूरी तरह सड़ चुका था और इतनी खराब हालत में था कि परिजनों को ठीक से दिखाने तक नहीं दिया गया। मौत कब और कैसे हुई, इसकी भी कोई स्पष्ट जानकारी परिवार को नहीं दी गई।
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पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की प्रेसवार्ता- फोटो : अमर उजाला
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