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💢विशेष लॉग इन💢विस्तारFollow Usपंजाब के गांवों और शहरों में घर के आंगन में दहकती लोहड़ी केवल लकड़ियों का अलाव नहीं है। यह उस सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है जिसमें वीरता, विद्रोह, किसान का संघर्ष और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की लौ सदियों से जलती आ रही है।
️स्टूडेंट वीडियो,😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
कलेक्ट रिवॉर्ड्स, बरेली। बागपत के 16 वर्षीय खिलाड़ी अभय तोमर ने कड़ी मेहनत व प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर बैंकॉक, थाईलैंड में लगने वाले भारतीय टीम कैंप में चयनित होने का गौरव हासिल किया है। अभय पिछले डेढ़ साल से कैंट स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, बरेली के छात्रावास में रहकर सेपक टाकरा के खेल का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी खेल यात्रा की शुरुआत फुटबॉल से हुई थी, लेकिन उनके प्रशिक्षक की सलाह पर उन्होंने सेपक टाकरा के खेल में अपना हाथ आजमाया। इसके बाद उन्होंने सेपक टाकरा के खेल में नियमित प्रशिक्षण शुरू किया और ट्रायल के बाद उनका चयन साईं स्टेडियम, बरेली में हुआ।
1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव थाना के सामने छत्तीसगढ़ किसान सभा और आदिवासी एकता महासभा ने संयुक्त रूप से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए आदिवासियों और किसानों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की।
दैनिक डिस्काउंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 01 Nov 2025 07:48 PM IST
सिल्वर शेयर संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:43 AM IST
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