टास्क
शेयर मोबाइल
साइन अप स्टूडेंट, Inc
पुराना शेयर
💢प्रीमियम साइन अप💢😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️मेगा विज़िट,संवाद न्यूज एजेंसी, बरनाला (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:06 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
नया डिपॉजिट, भिवानी। अत्यधिक ठंड के बीच लघु चिड़ियाघर में हिमालयी भालुओं की खुराक में बदलाव किया गया है। सर्दी के मौसम में हिमालयी भालू जोड़े नर भालू सोनू और मादा भालू डुक्कू को ऊर्जा बढ़ाने के लिए मूंगफली और गुड़ खिलाया जा रहा है जबकि फल और दूध सामान्य रूप से जारी हैं। इसी तरह बब्बर शेर के बाड़े में ठंड से बचाव के लिए तीन हीटर लगाए गए हैं वहीं वन्य प्राणी-पक्षियों के बाड़ों पर सरकंडा व चीक का जाल लगाया गया है और परिसर में पराली बिछाई गई है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:34 PM IST
अल्ट्रा पैसे, चंपावत। जिला अस्पताल में लोगों को एमआरआई की सुविधा भी मिलेगी। आईसीआईसीआई फाउंडेशन की ओर से सीएसआर मद से एमआरआई मशीन की स्थापना की जा रही है।
टास्क Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आमला विकासखंड से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने तीन साल के मासूम बेटे की जान बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। इलाज के लिए अपनी जमीन गिरवी रखी, चार अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन आखिर में किस्मत ने साथ नहीं दिया।
ऑनलाइन अर्न, जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







