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💢विन रिसीव💢11- हनुमानगढ़ी पहुंचे राहुल गांधी का सम्मान करते महंत ज्ञान दास- फाइल फोटो
️मोबाइल कमेंट,फोटो-12-शहीद पार्क में उपवास पर बैठे कांग्रेसी। स्रोत, पदाधिकारी- फोटो : एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए आप कार्यकर्ता। स्रोत: पार्टी
बलिया। शहर क्षेत्र में एक भी पार्किंग नहीं है। इसके कारण बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट आदि स्थानों पर आने वाले लोगों को वाहन सड़क या पटरियों पर खड़ा करना पड़ता है। इतना ही नहीं 18 बैंक शाखाओं के पास भी पार्किंग नहीं है। ऐसे में यदि सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं तो ट्रैफिक पुलिस उनका चालान काट देती है।
विज़िट बोनस, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:लव गौरUpdated Sun, 26 Oct 2025 01:06 AM IST
बिशारतगंज। मझगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत किशनपुर जायदपुर में आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को वितरण को आया पोषाहार का चावल सोमवार तड़के बेचने को ले जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया। चावल लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़कर पुलिस को सौंप दी।
बागेश्वर। ऐतिहासिक उत्तरायणी कौतिक-2026 की तैयारियां अब अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। नगर पालिका की ओर से आयोजित मेले के लिए आमंत्रण पत्र और कार्यक्रमों की सूची आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई है। इस बार मेले का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड के मशहूर पार्श्व गायक देव नेगी होंगे जो अपनी सुरीली आवाज से मेले के सांस्कृतिक मंच पर धमाल मचाएंगे।
वॉच,
गेम विस्तारFollow Usअंता विधानसभा सीट पर मंगलवार को हुए उपचुनाव के नतीजे 14 नवंबर को सामने आ जाएंगे। लेकिन वोटिंग प्रतिशत को देखते हुए नतीजों में कुछ बड़ा बदलाव होने के संकेत तो नहीं है। निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान के आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं। शाम साढ़े आज बजे तक वोटर टर्नआउट एप पर कुल 80.32 प्रतिशत मतदान होना बताया गया है। जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में भी 80.35 प्रतिशत मतदान ही हुआ था। हालांकि मौजूदा उपचुनाव में मतदान के फाइनल आंकड़े बुधवार सुबह तक अपडेट होंगे। इसलिए संभावना यही है कि पिछले चुनावों हुए वोटिंग प्रतिशत को इस बार अंता पार कर लेगा। लेकिन यह कोई बड़ा फर्क नहीं है। बीते 3 विधानसभा चुनावों में अंता में वोटिंग प्रतिशत लगभग 80 प्रतिशत ही रहा है।
रविवार को धूप निकलने के बाद मौसम जब अच्छा हुआ तो राजकीय उद्यान पार्क में लोगों की भीड़ दिखी।
अर्न, मुंबई, जिसे देश की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं, 106 वीरों के बलिदान से यह शहर अस्तित्व में आया। ये मराठी लोग संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में शहीद हुए थे। आज इसी मुंबई के बीएमसी चुनाव में मराठी अस्मिता एक बड़ा मुद्दा बन गया है।







