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डायमंड रिवॉर्ड्स
💢नया कूपन💢अयोध्या। प्रदेश स्तरीय पुरुष एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार को डाभासेमर स्टेडियम में किया गया। पहले दिन खेले गए मुकाबलों में अयोध्या के सचिन पाल ने 3000 मीटर स्टेपल चेज स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। इस स्पर्धा में बस्ती के उमाशंकर को रजत तथा बरेली के जयचंद यादव को कांस्य पदक प्राप्त हुआ।
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सर्वे इंस्टेंट, बाह। बिजकौली के बेसमेंट हादसे में मृतकों के परिजन से संवेदना जताकर बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने तहसील प्रशासन को मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। बिजकौली गांव में 14 दिसंबर को निर्माणाधीन बेसमेंट की ढ़ही दीवार के मलबे में 7 लोग दब गए थे। जिनमें से हीरालाल एवं योगेश कुमार उर्फ योगेंद्र की मौत हो गई थी। उत्तम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सुनील कुमार, रामेंद्र सिंह, कल्लू घायल हुए थे। सोमवार को बाह की विधायक पक्षालिका सिंह बिजकौली गांव में पहुंची, बेसमेंट हादसे की जानकारी ली। मौके से ही तहसील प्रशासन से बात की और मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इस दौरान बाह के ब्लॉक प्रमुख लाल सिंह चौहान, सुनील बाबू, चंदू भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, अल्केंद्र सिंह जादौन, जयपाल सिंह आदि रहे।
IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
औरैया। डॉक्टर उपलब्ध कराने के नाम पर क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड सेंटरों को ठगने का आरोपी व 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश सोमवार को दिबियापुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पैसे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:बाड़मेर ब्यूरोUpdated Sat, 06 Dec 2025 08:12 PM IST
अर्न
सारBundi News: सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत 19 वर्षीय रमेश कुमार की दिवंगत देह 36 दिन बाद जयपुर पहुंची। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और चर्मेश शर्मा के प्रयासों से प्रक्रिया तेज हुई। परिजन दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं।
मोबाइल कमाई, विस्तारFollow Usजिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।







