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💢डाउनलोड कम्पलीट💢बहराइच। काठमांडू में तैनात नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के कांस्टेबल खेम बहादुर सोनार (38) की हत्या कर शव भारतीय सीमा क्षेत्र के जंगल में फेंके जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोतीपुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कांस्टेबल की पहचान उनके ससुर ने मौके पर पहुंचकर की।
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रुपईडीहा में लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा के साथ पकड़े गए आरोपी। - स्रोत : एसएसबी
दैनिक विन, वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:05 PM IST
UP Crime News:कोर्ट के आदेश का पालन न करने के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने माफिया अखंड प्रताप सिंह को तीन वर्ष के कारावास और सात हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला एफटीसी सीनियर डिवीजन के जज अतुल पाल ने बुधवार को सुनाया।
बबेरू। अद्भुत चौराहा के सुंदरीकरण और सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन द्वारा लगभग दो सौ व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने का सात दिनों का नोटिस दिए जाने के बाद स्थानीय व्यापारियों में तीव्र रोष व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि सुंदरीकरण के नाम पर उनका आजीविका का साधन उजाड़ा जा रहा है। इस मुद्दे पर शनिवार को राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के नगर अध्यक्ष केके महंत के नेतृत्व में व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन व्यापार बंद करने की घोषणा की।
स्टूडेंट साइन अप, आगरा। मिशन 2027 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी से सोमवार को सविता और सेन समाज के लोग जुड़ गए। फतेहाबाद रोड स्थित कार्यालय पर सम्मेलन में पार्टी की सदस्यता लेने वालों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया।
कूपन गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
सीएचसी हैदरगढ़ का निरीक्षण करती स्वास्थ्य विभाग की स्टेट टीम।
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