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💢डायमंड सब्सक्राइब💢अयोध्या। राम मंदिर में शनिवार को नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाला कश्मीर का अहद शेख छह जनवरी को ही घर से निकला था। जम्मू, दिल्ली और आगरा होते हुए वह सीधे अयोध्या पहुंचा था। अब तक की जांच में वह मानसिक रोगी बताया गया है। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है।
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रिवॉर्ड्स, बागेश्वर। मेले की पहली शाम प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंकज उप्रेती मुख्य मंच से रागों की स्वर लहरियां छेड़ेंगे। रात नौ बजे से होने वाले सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में वह राग मारवाह पर आधारित बागनाथ स्तुति प्रस्तुत करेंगे।
विस्तारFollow Usआज की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हर इंडस्ट्री को बदल रहा है। ऐसे समय मेंश्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU)उत्तर भारत के सबसे भविष्य-केंद्रित कैंपस के रूप में सामने आया है। यहां B.Tech और BCA जैसे कोर्सेज में AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस की पढ़ाई की जाती है, वो भी IBM और L&T EduTech जैसे ग्लोबल टेक लीडर्स के सहयोग से।SRMUछात्रों को केवल डिग्री नहीं, एक मजबूत और ग्लोबली कॉम्पिटीटिव करियर देता है।
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:14 PM IST
पॉइंट्स, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 01:33 PM IST
डिस्काउंट धरमघर (बागेश्वर)। ग्राम प्रधान संगठन की नव निर्वाचित कपकोट ब्लॉक इकाई का विरोध शुरू हो गया है। विकासखंड के ही प्रधानों के एक गुट ने कार्यकारिणी के गठन पर सवाल उठाए हैं। नई ब्लॉक कार्यकारिणी का जल्द गठन करने की बात कही है। विगत मंगलवार को कपकोट में ग्राम प्रधान संगठन की नई कार्यकारिणी चुनी गई थी। दुगनाकुरी, धरमघर क्षेत्र के ग्राम प्रधानों का कहना है कि कोरम पूरा नहीं होने के बाद भी गलत तरीके से कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यक्रम में केवल 15-20 ही ग्राम प्रधान मौजूद थे। कई प्रधान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यकारिणी बनाई गई है जिसका विरोध करते हुए नई कार्यकारिणी जल्द बनाई जाएगी। विरोध करने वाले ग्राम प्रधानों में गोकुल सिंह, विपिन उपाध्याय, पुष्कर सिंह, नीमा राठौर, हरीश मेहता, राजेंद्र सिंह, गंगा सिंह, दीपा कोरंगा, नंदन सिंह, प्रेम राम, केदा सिंह, बबीता देवी आदि शामिल रहीं।
टेंडर पाम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ- फोटो : अमर उजाला
सब्सक्राइब, विस्तारFollow Us'आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। प्रकृति की पूजा करने वाले आदिवासियों के कारण ही जल, जंगल और जमीन के साथ ही संस्कृति सुरक्षित है। राजस्थान सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए कृत संकल्पित है।' मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य स्तरीय जनजाति गौरव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।







