नया डाउनलोड
फ्री सब्सक्राइब
कलेक्ट ट्रांसफर, Inc
सुपर कमेंट
💢ईज़ी💢सारजीजीयू में छात्रों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विश्वविद्यालय के तात्या भील बॉयज हॉस्टल के मेस में मामूली विवाद के दौरान मेस कर्मचारियों द्वारा एक छात्र को चाकू लेकर दौड़ाने और मारपीट करने की घटना सामने आई है।
️ट्रांसफर मोबाइल,बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री बनते ही विभागीय सिस्टम को सुधारने मेंभ्रष्टाचार की जमीन खोदने लगे। लिहाजा भ्रष्ट अधिकारी और भूमाफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। लेकिन इसके बाद भी समस्तीपुर में भू माफियाओं के द्वारा रिटायर्ड फौजी को फर्जी तरीके से कागजों में मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करने का मामला सामने आया। यहां तक कि वह सीमा पर दुश्मन देश से लड़ने वाला फौजी अपने ही प्रदेश में सीने पर “साहेब मैं जिंदा हूँ”लिखी तख्ती लगाकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर हो गया। अब ऐसा ही मामला भागलपुर से सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने करीब 9 साल पहले मर चुकी एक महिला को सरकारी दस्तावेजों में 'जिंदा' कर दिया और फिर फर्जी शपथपत्र के जरिए जमीन का दाखिल-खारिज भी करा लिया। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी हैरान हो रहे हैं।
डायमंड फ्री, सारवर्ष 2016 में दर्ज इस प्रकरण में दोनों पर 2010 से 2015 के बीच ग्राम पंचायत फुलियाखुर्द के खातों से बिना लेखा-जोखा 78 लाख रुपये निकालने का आरोप था। श्यामलाल पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
घुमारवीं क्षेत्र में सड़कों पर स्टंटबाजी और मोडिफाइड साइलेंसर के जरिए दहशत फैलाने वाले बाइक सवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sun, 23 Nov 2025 05:48 PM IST
चंबा। चंबा जिले में इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चार्जिंग स्टेशन चुवाड़ी और भंजराडू में लगाए जाएंगे। साथ ही एचआरटीसी के चंबा डिपो की वर्कशॉप में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए जगह बनाई जा रही है।
अर्न शेयर, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सिल्वर ऑफर चंबा। परेल के पास रावी नदी के किनारे न तो लोक निर्माण विभाग और न ही पंचायत सड़क का निर्माण करवा रही है तो आखिरकार दो से तीन मशीनें लगाकर सड़क निर्माण करना अब पहेली बन गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इसके लिए न तो वन विभाग की अनुमति ली गई है और न ही प्रशासन को इसके बारे में पता है। हालांकि अब अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन ने इस मामले की जांच करवाएगा।
विज़िट, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त







