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💢ऐप रजिस्टर💢भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ई-6 अरेरा कॉलोनी में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक अविवाहित था और करीब चार वर्षों से एक युवती के साथ संबंध में था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध टूटने के बाद युवक के अवसाद में होने की बात सामने आई है।
️दैनिक वेरिफाई,विस्तारFollow Usबेमेतरा में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर के बेमेतरा स्थित आवास पर दबिश दी है। प्रेमलता पद्माकर वर्ष 2014 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हैं। उनके निवास पर एसीबी की टीम जांच कर रही है। जांच अभी जारी है। मिली जानकारी अनुसार यह छापा आरआई भर्ती पदोन्नति घोटाले के संबंध में मारा गया है। पटवारी से आरआई बनाने के लिए हुए विभागीय पदोन्नति परीक्षा में धांधली की गई थी।
सारQuestion Paper Controversy: अधिकारियों ने रविवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के एक सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका को कक्षा चार के अंग्रेजी प्रश्न पत्र में कथित तौर पर उनके द्वारा तैयार किए गए एक प्रश्न के कारण धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है।
साप्ताहिक डाउनलोड, TOP NewsBangladeshUSUttarakhandआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:31 PM IST
चंडीगढ़। शहर में क्रेश संचालन के नाम पर हुए खर्च में बड़ी अनियमितता सामने आई हैं। सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के रिकॉर्ड की ऑडिट जांच में 24.59 लाख रुपये का खर्च इनएडमिसिबल (अमान्य) करार दिया गया है। यह खुलासा वर्ष 2021-22 के दौरान 50 क्रेच के संचालन के लिए जारी अनुदान की जांच में हुआ।
गेट, कुमार जितेंद्र ज्योतिUpdated Tue, 13 Jan 2026 04:01 AM IST
गोल्ड ऑनलाइन चार करोड़ की हेराफेरी के मामले में तत्कालीन पीएनबी ब्रांच मैनेजर हिरासत में- फोटो : अमर उजाला
बिलासपुर हाईकोर्ट ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर मर्डर केस में आरोपी दिनेश चंद्राकर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मुकेश चंद्राकर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर के पत्रकार थे। पीड़ित पक्ष की ओर से एडवोकेट प्रीतम सिंह ने जोरदार विरोध किया। मामले में पुलिस पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
फ्रेंड्स फ्री, सारपरिवारों ने बताया कि उनके बच्चों निहाल धुर्वे (2 वर्ष) और कबीर यादव (3 वर्ष 11 माह) का इलाज परासिया के एक निजी चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी से कराया गया था। सिरप के सेवन के बाद बच्चों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।







