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💢मासिक डिपॉजिट💢सारप्रदेश में 12 जनवरी से “संकल्प से समाधान” अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। यह अभियान चार चरणों में 31 मार्च 2026 तक चलेगा और सभी शिकायतों का समाधान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
️दैनिक ऑफर,विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ समेत बेमेतरा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जोरों पर है। बीते चार नवंबर को इसकी शुरूआत के बाद से बीएलओ मतदाताओं तक पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरण कर रहे है। घर-घर जाकर बीएलओ गणना प्रपत्र और घोषणा प्रपत्र देने के साथ ही आवश्यक दस्तावेज भी संकलित कर रहे हैं। लेकिन, इस काम में संबंधित कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रहीं है। यहीं कारण है कि आज रविवार को जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। मिली जानकारी अनुसार बेमेतरा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व अनुविभागीय अधिकारी (रा) ने 16 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी है।
टनकपुर/पूर्णागिरि(चंपावत)। बदायूं (यूपी) से मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए जाते समय काली मंदिर क्षेत्र में एक श्रद्धालु की हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत हो गई।
डायमंड कलेक्ट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Sun, 11 Jan 2026 06:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:दिनेश शर्माUpdated Wed, 24 Dec 2025 05:59 PM IST
पत्रकारों से बात करते डीजीपी गाैरव यादव- फोटो : अमर उजाला
वेरिफाई डिस्काउंट, सारपंजाब के पटियाला में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गोल्डी ढिल्लों के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से विदेशी हथियार मिले हैं। पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हुए हैं।
वेरिफाई ट्रांसफर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेरPublished by:मुंगेर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:28 AM IST
विकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्नि
लाइक, विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







