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💢साइन अप💢बागपत। शहर में यमुना और खत्ता मार्ग पर पाइपलाइन के लिए सड़क की दोबारा खोदाई करने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने पाइपलाइन में पानी का रिसाव होने का आरोप लगाया। साथ ही मकानों की नींव में पानी जाने से गिरने का खतरा भी जताया।
️पॉइंट्स,सारजसोलधाम स्थित विश्वविख्यात श्री राणी भटियाणी माता मंदिर में पौष शुक्ल पक्ष त्रयोदशी और नववर्ष 2026 के शुभ संयोग पर भव्य धार्मिक, पूजन एवं सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन हुआ। मंगला आरती से लेकर विशेष पूजा-अर्चना, अन्नपूर्णा प्रसादम, लाइव आरती और रात्रि जागरण तक पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति और आस्था से सराबोर रहा।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदाPublished by:शिखा पांडेयUpdated Fri, 09 Jan 2026 10:14 PM IST
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विस्तारFollow UsRajasthan Bypoll Result :अब से कुछ घंटों में यह फैसला हो जाएगा कि अंता का ऊंट किस करवट बैठेगा। सुबह 8 बजे अंता में मतगणना शुरू हो जाएगी। मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया और बीजेपी के मोरपाल सुमन के बीच बताया जा रहा है। निर्दलीय नरेश मीणा जितने ज्यादा वोट लेंगे कांग्रेस को उतना ही बड़ा नुकसान होने की आशंका है। हालांकि इस उपचुनाव में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन बतौर निर्दलीय नरेश मीणा ही मुकाबले में खड़े नजर आए।
अमर उजाला ब्यूरो, बरेलीPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:45 PM IST
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछाल
फ्री साइन अप, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Fri, 21 Nov 2025 06:39 PM IST
पॉइंट्स इंस्टेंट जिम्मेदारी तो जट्टारी नगर पंचायत की है कि सभी रास्तों और गलियों में रात के समय प्रकाश रहे लेकिन नगर पंचायत ऐसा नहीं कर सकी। लिहाजा लोगों ने स्वयं से अपने-अपने घरों के बाहर बल्ब टांग रखे हैं ताकि रात के समय गली में रोशनी रहे और अंधेरे में गलियों में हादसे, घटनाओं से वह सुरक्षित रह सकें।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुरPublished by:प्रिया वर्माUpdated Thu, 04 Dec 2025 07:33 PM IST
वीडियो कमाई, बारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।







