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️कलेक्ट कमाई,विस्तारFollow Usजिले में डिजिटल फ्रॉड का मामला सामने आया। 64 वर्षीय सेवानिवृत्त डब्ल्यूसीएल कर्मचारी चैतराम नरवरे को साइबर ठगों ने तीन दिनों तक वीडियो कॉल पर नियंत्रित कर मानसिक रूप से “कैद” कर दिया। बैतूल पुलिस की तत्परता से बड़ी आर्थिक ठगी टल गई और पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
दैनिक इनवाइट, भिवानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से 19 जनवरी तक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के रुझान सामने आने लगे हैं। सर्वे में पाया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी दायरे में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अधिक है। इनमें विशेष रूप से प्रवासी मजदूर परिवारों और घुमंतू लोगों के बच्चे शामिल हैं।
विस्तारFollow Usबीजापुर में रानीबोदली का नाम सुनते ही आज भी लोगों की रूह कांप उठती है। 15 मार्च 2007 को माओवादियों द्वारा रानीबोदली में किया गया खूनी हमला देश कभी नहीं भूल सकता, जिसमें 55 जवान शहीद हुए थे और 25 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। कभी नक्सल हिंसा और जनताना सरकार की दरबार के लिए कुख्यात यह क्षेत्र अब विकास की नई इबारत लिख रहा है। बदलते हालात के बीच कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशन तथा जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में रानीबोदली के आश्रित ग्राम गट्टापल्ली में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास चौपाल का आयोजन किया गया। जिला पंचायत के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:14 AM IST
साप्ताहिक कलेक्ट, सारबैतूल के गंज थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग विवेक मरकाम की बेरहमी से पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। रॉड, फावड़ा और लाठियों से हमला किया गया। पुराने विवाद को कारण बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
ऑफर लाइक इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
भागलपुर में अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस- फोटो : अमर उजाला
इंस्टेंट ईज़ी, गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:41 PM IST







