डिस्काउंट डिपॉजिट
सुपर ऑनलाइन
वेरिफाई सब्सक्राइब, Inc
कमेंट
💢पॉइंट्स डिस्काउंट💢
️ट्रांसफर,गिराई में नवजात शिशु का शव मिलने पर जुटी भीड़। संवाद
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:47 AM IST
अल्ट्रा इनवाइट, सारशिक्षक क्लास में अश्लील वीडियो दिखाता था और आपत्तिजनक हरकतें करता था।छात्राओं ने डर के कारण स्कूल जाना बंद कर दिया। कई दिन स्कूल न जाने पर परिजनों को संदेह हुआ तो छात्राओं से पूछताछ की। तब पूरा मामला सामने आया।
सारबैतूल जिले के मुलताई में आरएसएस जिला प्रचारक शिशुपाल यादव पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया, जिससे नगर में तनाव फैल गया। पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है और बाकी की तलाश जारी है। स्थिति नियंत्रण में है, प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
विस्तारFollow Usचंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के राम जानकी मंदिर के पास जीटी रोड पर सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया। अचानक ब्रेक फेल होने से एक कार सड़क किनारे स्थित प्यारे यादव के टीनशेड में जा घुसी। हादसे में टीनशेड के भीतर काम कर रहे तीन लोग मामूली रुप से घायल हो गए।
विथड्रॉ फ्रेंड्स, T20 WCWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar Newsएक और पति का कत्ल
गोल्ड इंस्टेंट
IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
क्लिक ट्रांसफर, चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।







