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💢इंस्टेंट वेरिफाई💢आरोपी कर्मचारी और बरामद लाखों के सामान।- फोटो : संवाद
️कम्पलीट,संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:34 AM IST
बलरामपुर के गोंडा रोड पर घने कोहरे के बीच लाइट जलाकर गुजरते लोग ।-संवाद
टास्क, संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:33 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 14 Nov 2025 01:44 PM IST
बाड़मेर जिले में रात्रि चौपाल एक बार फिर ग्रामीणों के लिए राहत की वजह बनी। बुधवार को सर्द रात में जिला कलेक्टर टीना डाबी स्वयं जिले की भेडाणा ग्राम पंचायत पहुंची और घंटों ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण चौपाल में एकत्र हुए। जहां उन्होंने अपनी समस्याओं को जिला कलेक्टर के सामने रखा। जिसे जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गंभीरता से लेते हुए कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को त्वरित राहत प्रदान की।
कमाई, जिले के पचपदरा क्षेत्र में एक सड़क हादसे ने राहगीरों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया। जोधपुर से बालोतरा की ओर नियमित सवारी लेकर आ रही राजस्थान रोडवेज की बस अचानक सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसा इतना जोरदार था कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह मुड़ गया और शीशे टूटकर सड़क पर बिखर गए।
मासिक शेयर सारअल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड स्थित कटारमल सूर्य मंदिर में पौष माह के अंतिम रविवार को आयोजित 19वें सूर्य पर्व मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सारविकसित गांव-विकसित देश के संकल्प के साथ जिला पंचायत आगरा का 59 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। अब बटेश्वर मेला ताज महोत्सव की तर्ज पर आयोजित होगा। इसके साथ ही खेल, सड़क, स्वच्छता और स्मार्ट विलेज पर विशेष फोकस रखा गया।
इनाम डाउनलोड, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।







