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💢डाउनलोड💢बदायूं। भाजपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनपद प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने वीबीजीरामजी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण श्रमिकों को अधिकार आधारित रोजगार की गारंटी देकर गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
️अर्न पॉइंट्स,सारवैशाली के नए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंहाग ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया कि जिले में अपराध पर लगाम लगाना उनकी पहली जिम्मेदारी होगी।
विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।
कूपन, न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:प्रिया वर्माUpdated Wed, 08 Oct 2025 04:36 PM IST
सारयह घटना दर्शाती है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद, व्यक्तिगत संबंधों और आपसी सम्मान को बनाए रखना संभव है। छत्तीसगढ़ भवन में हुई यह मुलाकात एक ऐसे समय में हुई जब राजनीतिक माहौल अक्सर कटुतापूर्ण हो जाता है।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़-जे के सुप्रीमो अमित जोगी पीएम नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाये हुए।- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले में महज 350 रुपए की उधारी को लेकर हुए विवाद ने खून-खराबे का रूप ले लिया। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मासिक कलेक्ट, राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







