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💢सुपर कमेंट💢उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
️टास्क इनवाइट,
विस्तारFollow Usदरभंगा एयरपोर्ट पर एप्रन में जगह की कमी एक बार फिर बड़ी परेशानी का कारण बनी। हैदराबाद से दरभंगा आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-537 को करीब डेढ़ घंटे तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। इसके बाद ईंधन की स्थिति को देखते हुए विमान की रांची एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
सुपर विन, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ में मौसम का रुख बदलता नजर आ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और समुद्र से आ रही नमी के असर से आने वाले दिनों में भीषण ठंड की तीव्रता कम होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिसका प्रभाव खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ में ज्यादा देखने को मिलेगा।
भागलपुर ब्यूरोUpdated Sat, 29 Nov 2025 12:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:44 AM IST
साप्ताहिक कमेंट, नौगढ़ में 16 हजार पशुपालकों के पास हैं 43 हजार से ज्यादा पशु, इलाज के लिए भटकते हैं पशुपालक
इंस्टेंट ऑनलाइन पत्रकारवार्ता को संबोधित करते सूबे के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री एके शर्मा।- फोटो : संवाद
इंस्टेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 22 Dec 2025 01:13 PM IST







