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आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sat, 06 Dec 2025 07:49 PM IST

ऐप सर्वे, सारकूनो नेशनल पार्क से निकला चीता केपी-2 एक बार फिर बारां जिले के रामगढ़ क्रेटर क्षेत्र में लौट आया है। नौ दिन से उसकी गतिविधियों पर वन विभाग की टीमें लगातार नजर रखे हुए हैं। कल शाम उसने मप्र की ओर रुख किया था लेकिन आज दोबारा वह रामगढ़ क्षेत्र में लौटा है।

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बाराबंकी। श्रीराम वन कुटीर आश्रम हड़ियाकोल में रविवार शाम आयोजित जागरूकता शिविर में लोहिया संस्थान, लखनऊ के विशेषज्ञों ने लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति सचेत किया। जनरल सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. एसके भट्ट ने कहा कि बार-बार पेशाब आना या खुलकर न होना कैंसर का संकेत भी हो सकता है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय समय पर इलाज कराएं।

शेयर कैश, संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:50 AM IST

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