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💢कम्पलीट फ्रेंड्स💢बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में ऑडियो वायरल मामले में पूछताछ के बाद आज मंगलवार को उर्मिला सनावर अपने मोबाइल एसआईटी के सामने जमा कराएंगी। एसआईटी मोबाइल व ऑडियो को जांच के लिए आगे लैब में भेजेगी।
️अतिरिक्त सर्वे,सारबुरहानपुर में सफाई-मित्रों को सम्मानित किया गया, जिसमें विधायक अर्चना चिटनिस और महापौर ने उनके पैर धोकर फूल बरसाए और उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में प्लास्टिक मुक्त बुरहानपुर का संकल्प लिया गया और नागरिकों से स्वच्छता में सहयोग की अपील की गई। सफाई मित्रों को स्वच्छता योद्धा बताया गया।
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बुरहानपुर के सीलमपुर क्षेत्र में एक महिला की हत्या के बाद जमकर हंगामा हुआ। हत्यारा युवक महिला का परिचित बताया जा रहा है, जो महाराष्ट्र के अंतुर्ली से आया था। उसने हथौड़ी से महिला के सिर और शरीर पर कई वार किए, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दौरान महिला की चीख-पुकार सुन उसका देवर मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी युवक ने पहले उसके साथ भी मारपीट की। इसके बाद आरोपी खुद शिकारपुरा थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है, हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है।
विशेष कमेंट, चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:39 PM IST
भीलवाड़ा जिले के इंरास गांव में अंधविश्वास के कारण एक नौ महीने के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मामूली सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) के पास ले गए। भोपा ने इलाज के नाम पर गर्म सरिए से बच्चे के शरीर पर कई जगह दाग लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई और तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद शनिवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Sat, 06 Dec 2025 02:46 PM IST
लॉग इन कलेक्ट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Tue, 23 Sep 2025 01:20 PM IST
दैनिक लाइक गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:कृष्ण बल्लभ नारायणUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:24 PM IST
अल्ट्रा गेम, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:56 PM IST







