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💢फ्रेंड्स💢सारपंचायत के उपमुखिया सह सीएसपी संचालक राजेश कुमार चौधरी पर दो नकाबपोश बदमाशों ने गोली चलाकर और धारदार हथियार से हमला कर ढाई लाख रुपये नकद लूट लिए।
️लॉग इन कलेक्ट,चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
जन्म लेते ही नवजात को पुलिया के नीचे फेंका, SNCU में भर्ती।
मोबाइल स्टूडेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 29 Dec 2025 04:47 PM IST
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सारWhite House Press Secretary Statement:व्हाइट हाउस की प्रेस सचिन कैरोलिन लैविट ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी विकल्प खुले रखे हुए हैं। हालांकि कूटनीति ट्रंप की पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले भी विकल्प हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि प्रेस सचिव ने ये किस देश के लिए कहा है।
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विशेष अर्न सारसूने मकान को निशाना बनाकर चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपियों के पास से करीब 15 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है। आगे की पूछताछ जारी है।
सारहरियाणा में ठंड ने पिछले वर्षों के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस बार सर्दी ने 48 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। क्योंकि गुरुग्राम का न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है।
फ्रेंड्स, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।







