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💢पुराना फ्री💢भिंड जिले में मां ने नवजात की गला दबाकर हत्या कर दी। पति ने रोका तो उस पर भी हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया है। मालनपुर के वार्ड क्रमांक 14 में की है। आरोपी उषा बघेल के पति जगन्नाथ सिंह बघेल ने बताया कि पत्नी पिछले कुछ दिनों से उस पर शक करती थी और आए दिन विवाद करती थी। गुस्से में आकर उषा ने बेटे की जान ले ली। जगन्नाथ सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के ललितपुर के लाधवारी महुआ खेरा का रहने वाला है। भिंड में रहकर मजदूरी करता है।
️मोबाइल वीडियो,बिजनौर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की ओर बिजनौर क्लब में उद्यमी संवाद एवं समाधान कार्यक्रम हुआ। उद्यमियों ने बड़े औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, कांवड़ यात्रा अवधि में औद्योगिक परिवहन की समस्या सहित अन्य मुद्दे पर पर सहमति बनी। कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि बिजनौर में उद्योग, पर्यटन एवं कौशल विकास को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जाएगा।
फ्री, ज्ञानपुर। पुरानी बाजार निवासी युवा तीरंदाज वसुधा गुप्ता ने राष्ट्रीय विद्यालयीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में पदक पर निशाना साधा है। छह से 10 जनवरी तक रांची के बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित टूर्नामेंट में यूपी का नेतृत्व करते हुए वसुधा ने कांस्य पदक जीता है।
बिजनौर। जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को महात्मा विदुर सभागार में पत्रकार वार्ता में वीबी जी राम जी की विशेषताओं का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि योजना में पहले 100 दिन रोजगार देने की गारंटी थी। अब पंजीकृत श्रमिक को 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए फसल कटाई, बुवाई के समय कुल मिलाकर 60 दिन कार्य बाधित रहेगा। इससे किसानों को श्रमिकों को लेकर परेशानी नहीं होगी। योजना के तहत अगर श्रमिकों को समयावधि में भुगतान नहीं होता है, तो उन्हें ब्याज के साथ मजदूरी की धनराशि दी जाएगी।
प्रीमियम विज़िट, चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:53 AM IST
पॉइंट्स स्टूडेंट नीतीश कुमार 16 जनवरी से समृद्धि यात्रा पर निकल रहे। पहले चरण में नौ जिलों की यात्रा होगी।- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
कैश, अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 31 Dec 2025 07:55 PM IST







