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️इंस्टेंट,चरखी दादरी। मकर संक्रांति पर्व को लेकर जिले के बाजारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाजारों में मिठाई की दुकानों पर घेवर तैयार करने के साथ-साथ बिक्री भी शुरू हो गई है। हलवाईयों की दुकानों पर दिनभर कारीगर घेवर बनाते हुए नजर आ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि फिलहाल बाजार में प्रतिदिन एक क्विंटल से अधिक घेवर की बिक्री हो रही है। वहीं त्योहार नजदीक आने पर बिक्री का आंकड़ा 10 क्विंटल तक पहुंच जाएगा।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:15 AM IST
इनाम डाउनलोड, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को बूंदी में 123 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने मल्टीपरपज़ इंडोर स्टेडियम, अमृत 2.0, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं सहित कई परियोजनाओं की सौगात दी और सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:08 PM IST
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
दैनिक फ्री, विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इस साल चार दिन स्थानीय अवकाश के रूप में घोषित किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। इन दिनों शहर के सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। भोपाल में घोषित अवकाश में मकर संक्रांति, महानवमी और अनंत चतुर्दशी के साथ-साथ गैस त्रासदी की बरसी शामिल है। इन अवसरों पर सरकारी कामकाज प्रभावित रहेगा। आदेश के अनुसार, 14 जनवरी 2026, बुधवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में छुट्टी रहेगी। 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी और 19 अक्टूबर, सोमवार को महानवमी के दिन भी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। वहीं, 3 दिसंबर, बुधवार को भोपाल शहर में गैस त्रासदी की बरसी पर भी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इस प्रकार, भोपाल के निवासियों को इस साल कुल चार दिन सरकारी कार्यालयों से संबंधित कामकाज में अवकाश रहेगा।
बड़ा रिवॉर्ड्स सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
रजिस्टर, राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:33 AM IST







