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💢गेम💢सारDharmendra Health Condition:अभिनेता धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ गई है। पिछले काफी दिनों से वो मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं। धर्मेंद्र काफी समय से उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
️डिपॉजिट गेट,विस्तारFollow Usछतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही का कहर एक मासूम बच्चे की जान पर बन आया। ग्राम कुसमा में बुधवार को अनियंत्रित 108 एंबुलेंस ने घर के बाहर खेल रहे तीन वर्षीय मासूम को कुचल दिया। हादसे के बाद एंबुलेंस चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
भिंड कलेक्टर को मुक्का बताते विधायक नरेंद्र कुशवाह।- फोटो : सोशल मीडिया
छोटा ऑनलाइन, भरतपुर जिले के नदबई थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। नदबई-जनूथर मार्ग पर गांव लुहासा के पास एक तेज रफ्तार थार वाहन ने असंतुलित होकर बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार दंपत्ति और उनके दो मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि थार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चांदपुर में आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन में सम्मानित पुरातन छात
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ट्रांसफर डाउनलोड बलरामपुर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों के एवज में अवैध धन मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। टांगरमहरी निवासी दीपक यादव ने तहसील कार्यालय के समक्ष तख्ती लेकर धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू और चौकीदार ने उन्हें अधिकार अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ₹500 की रिश्वत मांगी, जबकि इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क मात्र ₹10 था। दीपक यादव के पास ₹200 ही उपलब्ध थे और वह शेष ₹300 के लिए राजस्व अधिकारियों से “भीख” मांगने की बात कहते हुए धरने पर बैठे थे।
जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के दो अधिकारियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत विद्युत कनेक्शन दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
अर्न विन, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







