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अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:39 AM IST
फ्री पैसे, सारदिल्ली में आयोजित मिस्टर यूनिवर्स बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में छतरपुर के युवा मोनू पाठक ने तीन अलग-अलग श्रेणियों में तीसरा स्थान हासिल किया। करीब 200–250 प्रतिभागियों के बीच यह उपलब्धि उनकी वर्षों की मेहनत का परिणाम है और युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है।
विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
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लॉग इन, चंबा। कहते हैं कि जब इरादे मजबूत हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। बाट पंचायत की सुमन ने इस कथन को साकार कर दिखाया है। घरेलू जिम्मेदारियों, आर्थिक तंगी और सामाजिक चुनौतियों के बीच सुमन ने दो वर्ष पहले अचार उद्योग की शुरुआत की, जो आज पूरे जिले में स्वाद, गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बन चुका है।
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सारबीजापुर में व्यापारी संघ की मांग पर कलेक्टर संबित मिश्रा ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए साफ सफाई, सुविधाएं, दवाइयों और स्टाफ की जांच की गई। कलेक्टर ने एक सप्ताह में कमियां दूर करने के निर्देश दिए, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
कमेंट गेम, विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।







