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💢मोबाइल क्लिक💢अंबाला में कोहरे और कडाके की ठंड में अपना बचाव करते हुए राजमार्ग से गुजरता बाइक सवार। संवाद- फोटो : credit
️क्लिक ट्रांसफर,संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:32 PM IST
अयोध्या। सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में उपवास रखा। योजना के प्रारूप में किए जा रहे बदलावों के विरोध में एक दिवसीय उपवास रखा गया। जिला अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। मनरेगा के प्रारूप में बदलाव और गांधी जी का नाम हटाने की मंशा यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार की नीयत और नीति दोनों ही मजदूर-किसान विरोधी हैं।
कूपन, रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। तलाशी अभियान के दौरान खून से सने जूते और नक्सलियों का पिट्ठू बैग मिला है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मुठभेड़ में कोई नक्सली मारा गया या गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि 2-3 नवंबर की रात माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और थाना पुलिस की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए जंगल में गई थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी की।
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:27 PM IST
विस्तारFollow Usउत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपीरेरा) ने सोमवार को प्रदेश के छह जिलों में 4100 करोड़ रुपये के 12 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्टों में 7100 से अधिक आवासीय और कॉमर्शियल इकाइयां बनेंगी। इनमें सबसे अधिक निवेश गौतमबुद्ध नगर में होगा। यहां के तीन प्रोजेक्ट में 2460 करोड़ रुपये का निवेश होगा। वहीं आगरा में भी 201 करोड़ के आवासीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है जिसमें 949 फ्लैट बनेंगे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Tue, 06 Jan 2026 08:04 PM IST
विन इंस्टेंट, RPSC डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा) परीक्षा 11 जनवरी को
गोल्ड पैसे Banswara News: बांसवाड़ा में बढ़ती सर्दी के बीच बेघर और जरूरतमंद लोग खुले आसमान तले रात बिताने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन और नगर परिषद के दावों के बावजूद रैनबसेरों में व्यवस्था नदारद है।
पॉइंट्स कूपन, विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।







