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💢इनाम लॉग इन💢आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। पंडितों ने अनिश्चितकाल के लिए हवन और अनुष्ठान बंद कर मंदिर परिसर में ही धरना दे दिया है।
️प्लेटिनम इनवाइट,मार्केटिंग डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीPublished by:अभिलाष श्रीवास्तवUpdated Tue, 12 Aug 2025 08:02 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:चमन शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:26 AM IST
रिवॉर्ड्स सब्सक्राइब, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:27 AM IST
सारजिला पंचायत ने वर्ष 2026-27 में 59 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव पास किए हैं। इस दौरान व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया।
शासन की तरफ से रविवार को मांडा रोड स्थित गंगा नदी पर सेतु को मंजूरी मिल गई। इस पुल के बनने से कोरांव, करछना, मेजा, मांडा और जंगीगंज के करीब 250 गांवों के लोगों का सफर आसान होगा। इसके अलावा बनारस और मिर्जापुर आने-जाने में भी कम समय लगेगा। वहीं, शासन से मंजूरी के बाद तीन महीने के भीतर सेतु निगम पुल का निर्माण शुरू कर देगा।
बस्ती। दुबौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम बेमहरी के खूनी टोला में हुए तांत्रिक हत्याकांड से पुलिस ने 17 दिन बाद पर्दा उठा दिया। पुलिस ने रविवार को मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक के पैर में गोली लगी है। जबकि दो अन्य आरोपी पकड़ से बाहर हैं। पुलिस का दावा है कि तांत्रिक रामजीत (58) की हत्या आशनाई में की गई थी। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ में पकड़ा गया आरोपी लवकुश उर्फ लालचंद ने पूछताछ में बताया कि तांत्रिक पहले उसकी बड़ी बहन पर गलत नजर रखता था। उसकी शादी के बाद छोटी बहन पर गलत नजर रखने लगा था।
इनवाइट स्टूडेंट,
छोटा गेट सारAjmer News: अजमेर दरगाह में ख्वाजा गरीब नवाज के 814वें उर्स पर सालाना संदल की रस्म अकीदत के साथ अदा हुई। देशभर से पहुंचे जायरीन ने दुआएं मांगीं। दरगाह परिसर रूहानियत, आस्था और भाईचारे के रंग में रंगा रहा।
अल्मोड़ा। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुमाऊं की महिलाओं और देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में व्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ अल्मोड़ा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वेरिफाई गेट, सार2016 में स्वीकृत और 2017 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की लागत 21 करोड़ से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दी गई, लेकिन तय समय 24 महीने की बजाय 84 महीने बीत जाने के बाद भी मात्र 40% काम पूरा हो पाया है।







