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💢शेयर💢संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:37 PM IST
️कम्पलीट,ठंड से बचने के लिए चेहरे को स्कार्फ से ढक्कर जाती युवतियां- फोटो : संवाद
बालोतरा शहर में शनिवार शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। पचपदरा रोड पर तेज रफ्तार से आ रही एक निजी बस ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ पत्रकार भंवरलाल पंवार (57) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
सिल्वर कूपन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Sat, 20 Sep 2025 02:39 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानीPublished by:बड़वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:17 AM IST
सारपड़ोसी के साथ झगड़े में समझाइश करने पहुंची बेटी और दोहिते पर उसके ही पिता ने कुल्हाड़ी से वार कर दिया जिससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई और बेटी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
फ्रेंड्स, सारजवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और मंगलवार सुबह से अतिरिक्त बलों के साथ सर्च अभियान जारी है। कटेझिरिया का जंगल पहले भी नक्सल गतिविधियों का गढ़ रहा है।
वीआईपी रजिस्टर सारभिकियासैंण में नवजात शिशु को हायर सेंटर ले जाते समय मौत होने पर आक्रोशित लोगों ने अस्पताल गेट पर तालाबंदी कर हंगामा किया।
विस्तारFollow Usरामनगर थाना अंतर्गत सेमरा के पास बुधवार दोपहर ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बारे में बताया गया कि मृतक सोनू सिंह पाव पिता रामलाल निवासी ग्राम भलमुडी दोपहिया वाहन क्रमांक सीजी 15 सीपी 1777 को रोड के किनारे खड़ी कर किसी से बात कर रहा था, तभी सेमरा तरफ से ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 18 ए ए 4421 ईंट लोड कर लापरवाही पूर्वक तेज गति से आ रहा था। ट्रैक्टर ने सोनू सिंह को पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक सवार युवक सोनू सिंह पाव 24 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई।
साइन अप ईज़ी, विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।







