रजिस्टर बोनस
शेयर कलेक्ट
इनवाइट कमेंट, Inc
प्रीमियम टास्क
💢फ्रेंड्स इंस्टेंट💢गोरखपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:37 AM IST
️वीआईपी सर्वे,भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लिए बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा की शुरुआत की है। इससे अब मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ से सीधे संपर्क कर सकेंगे। अब उन्हें काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि बीएलओ खुद उन्हें फोन करेंगे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Thu, 08 Jan 2026 04:13 PM IST
फ्रेंड्स रिसीव, बागेश्वर जिले में भले ही अब तक बर्फबारी नहीं हुई हो, लेकिन लोगों को कड़ाके के ठंड का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। कपकोट के पिंडर घाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच रहा है। नलों में पानी जमने लगा है। लोगों को नल से पानी भरने के लिए 10 बजे तक इंतजार करना पड़ रहा है। धूप खिलने के बाद ही नल से लोग पानी भर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 2019 के बाद क्षेत्र में इस तरह की ठंड पड़ रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:36 PM IST
दैनिक सब्सक्राइब, अशोकनगर जिले में अपनी पसंद की शादी करने की बात कहने पर एक व्यक्ति ने अपनी 17 साल की बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को फंदे पर लटकाकर बताया कि उसने सुसाइड कर लिया है। इसके बाद जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया। किसी को बिना बताए उसकी अस्थियां भी विसर्जित कर दीं।
सर्वे पैसे विस्तारFollow Usपश्चिमी राजस्थान की राजनीति एक बार फिर जिला सीमाओं के सवाल पर उबाल पर है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल ने न सिर्फ प्रशासनिक ढांचे को झकझोर दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी आमने-सामने ला खड़ा किया है। कांग्रेस इस फैसले को जनविरोधी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे संतुलित प्रशासन और विकास की दिशा में जरूरी कदम करार दे रही है।
सारलांजी क्षेत्र के चौंदाटोला गांव में छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया। शुक्रवार रात प्रतिमा स्थल के कॉलम तोड़े जाने से कुनबी और मरार समाज आमने-सामने आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात नियंत्रित किए और गांव में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
अल्ट्रा डिस्काउंट, विस्तारFollow Usजिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।







