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️स्टूडेंट पॉइंट्स,आगरा। ताजमहल में शाहजहां का उर्स 15, 16 और 17 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। सोमवार को उर्स की तैयारियों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), सीआईएसफ, ताज सुरक्षा पुलिस और उर्स कमेटी के बीच बैठक में जायरीनों के प्रवेश, चादरपोशी और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा हुई। इसमें तय हुआ कि 36 इंच से बड़े ढोल ताज में प्रवेश नहीं करेंगे और दक्षिणी गेट केवल निकास के लिए खोला जाएगा।
बलरामपुर। गिरोह बनाकर अपराध करने वाले दो आरोपी तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम धंधरा निवासी केशव राम यादव व ग्राम मनकौरा काशीराम निवासी श्यामू यादव को देहात की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है।
कलेक्ट साइन अप, सारअनूपपुर में पुलिस ने ग्राम पोड़ी के पास पांच ट्रकों से अवैध लोहे का कबाड़ पकड़ा। 25 लाख का कबाड़ और 76 लाख के ट्रक जब्त हुए। पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए, जबकि मुख्य आरोपी मोहम्मद सादिक मंसूरी उर्फ जानू फरार है। पुलिस पूछताछ और तलाश जारी है।
सर्चिंग टीम को मिले खून से सने जूते।- फोटो : अमर उजाला
अंबाला। खालिस्तानी व आतंकी संगठनों द्वारा जान से मारने की धमकी देने के आरोप के मामले में अंबाला 2016 से 2023 तक सुर्खियों में रहा है। यह आरोप अंबाला सिटी के रहने वाले एंटी टेरेटिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने लगाए थे। अंबाला सिटी, सदर व बलदेव नगर थाने में इन मामलों को लेकर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इन मामलों में आरोपी खालिस्तानी व आतंकी संगठनों से जुड़े लोग ही हैं। वर्ष 2016 से 2023 तक इस संबंध में 38 बार थानों में प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी है। इसलिए अंबाला सिटी के बलदेव नगर थाने में हुए इस हमले को खालिस्तानी व अन्य आतंकी संगठनों की साजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
नया इनवाइट, 73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
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गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:40 AM IST
लाइक स्टूडेंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Fri, 07 Nov 2025 08:53 AM IST







