स्टूडेंट पैसे
मेगा कूपन
मोबाइल ऑनलाइन, Inc
गोल्ड कमेंट
💢लॉग इन डिपॉजिट💢सार2025 प्लेसमेंट सीजन में, LPU के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र श्री विष्णु को देश की एक प्रमुख रोबोटिक्स और ऑटोमेशन कंपनी से ₹2.5 करोड़ प्रति वर्ष का डोमेस्टिक पैकेज मिला है। यह इस साल भारत में किसी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को मिला सबसे ऊँचा पैकेजों में से एक है।
️डिपॉजिट कैश,
विस्तारFollow Usआज भी गांव-कस्बों के लोग सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और जब कभी सरकारी इंजीनियर या ठेकेदार विकास का चोला ओढ़कर गांव पहुंचते हैं तो वहां भी लूट-खसोट का खेल शुरू हो जाता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला बालोतरा जिले में सामने आया है, जहां ग्रामीणों का वर्षों का इंतजार एक रात की हेराफेरी में बदल गया।
अतिरिक्त गेट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Fri, 28 Nov 2025 10:26 PM IST
सारकटंगी में रिटायर्ड कर्मचारी रमेश हाके और पत्नी पुष्पकला की हत्या उनके भतीजे दुलीचंद और पोते सचिन ने की। दोनों पर चार लाख का कर्ज था और सट्टे में पैसा डूब गया था। नकदी-जेवर के लालच में हत्या कर लूट की। पुलिस ने 1.85 लाख और ज्वेलरी बरामद की।
वारदात के बाद जांच करते पुलिसकर्मी।- फोटो : amar ujala
कलेक्ट, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से लगभग 5 लाख रुपये मूल्य का 106.60 किलो गांजा जब्त किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई है।
वीआईपी सब्सक्राइब 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
वीआईपी विन, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।







