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रिवॉर्ड्स फ्रेंड्स
💢फ्रेंड्स💢अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 22 Dec 2025 02:30 PM IST
️इनाम,सारशहर के भगवानगंज इलाके में लुटेरी दुल्हन शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल से जेवरात लेकर फरार हो गई। पीड़ित पति जब अपनी दुल्हन को लेने ससुराल पहुंचा तो वहां उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:37 PM IST
इनाम वेरिफाई, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Mon, 22 Dec 2025 06:42 PM IST
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण से नवजात को हायर सेंटर ले जाने के दौरान उसके रास्ते में मौत हो जाने से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल पहुंचकर सांकेतिक तालाबंदी की। उन्होंने नारे लगा कर विरोध जताया। सूचना मिलने पर एसडीएम याक्षी अरोड़ा मौके पर पहुंची। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
सारमहाराष्ट्र की राजनीति में ‘ठाकरे’ नाम केवल एक उपनाम नहीं, बल्कि एक विशिष्ट राजनीतिक सोच, पहचान और प्रभाव का प्रतीक रहा है। दशकों से यह नाम राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है।
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शेयर गांव फजलपुर में शनिवार की सुबह घेर में बंधे बैल की रस्सी खोलकर उठाते समय अचानक खड़े हुए बैल की सींग महिला के पेट में घुस गई। इससे घायल महिला की उपचार के दौरान शनिवार की अलीगढ़ में मौत हो गई।
बागेश्वर। सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों का सफर शुरू होने से पहले ही फिर से दुश्वारियों के गर्त में चला गया है। बड़े ही तामझाम और फूल-मालाओं के साथ शुरू हुई खुनौली-हल्द्वानी केमू बस सेवा महज तीन दिन बाद ही सफेद हाथी साबित हो गई। उद्घाटन के शोर के बीच शुरू हुई यह सेवा अब ठप है। क्षेत्र के ग्रामीणों को सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लॉग इन इनाम, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।







