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💢साइन अप बोनस💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:ग्वालियर ब्यूरोUpdated Sun, 28 Dec 2025 05:06 PM IST
️कमाई ऐप,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Sat, 10 Jan 2026 06:32 PM IST
स्टूडेंट कूपन, बिजनौर। जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को महात्मा विदुर सभागार में पत्रकार वार्ता में वीबी जी राम जी की विशेषताओं का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि योजना में पहले 100 दिन रोजगार देने की गारंटी थी। अब पंजीकृत श्रमिक को 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए फसल कटाई, बुवाई के समय कुल मिलाकर 60 दिन कार्य बाधित रहेगा। इससे किसानों को श्रमिकों को लेकर परेशानी नहीं होगी। योजना के तहत अगर श्रमिकों को समयावधि में भुगतान नहीं होता है, तो उन्हें ब्याज के साथ मजदूरी की धनराशि दी जाएगी।
गोल्डी ढिल्लों गैंग के दोनों शूटर।- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बैतूल जिले में स्थित मां ताप्ती का उद्गम स्थल मुलताई धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। अब इसी ऐतिहासिक पहचान को और अधिक प्रामाणिक रूप देने के उद्देश्य से मुलताई का नाम बदलकर ‘मूलतापी’ किए जाने की घोषणा की गई है। यह नाम परिवर्तन मां ताप्ती की प्राचीन विरासत और क्षेत्र की ऐतिहासिक जड़ों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
विस्तारFollow Usलाखों-करोड़ों दिलों पर राज करने वाले 60-70 के दशक के लोकप्रिय अभिनेता धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धर्मेंद्र को उम्र संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनके फैंस लगातार उनके जल्दी ठीक होने के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं। अमर उजाला से बातचीत में उनके करीबी दोस्त अवतार गिल ने धर्मेंद्र की सेहत पर अपडेट देते हुए बताया है कि उन पर दवाइयों का असर भी नहीं हो रहा है।
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स्टूडेंट बच्ची से दुष्कर्म। (सांकेतिक तस्वीर)- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usराजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
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