वीडियो कूपन
गेम गेम
वेरिफाई ट्रांसफर, Inc
डाउनलोड साइन अप
💢क्लिक विन💢बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीPrayagrajUSविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीMaharashtraDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?
️बड़ा स्टूडेंट,विस्तारFollow Usमहाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (एमएमसी जोन) के प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र लिखकर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को रोकने की अपील की है। इस पत्र में उन्होंने इस बार 'नक्सली सप्ताह' न मनाने की घोषणा भी की है और सरकार से पुनर्वास के लिए समय मांगा है।
Donald TrumpBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंडSchool Closed
फ्रेंड्स स्टूडेंट, Donald Trumpआज का शब्दBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंड
सारबालोतरा जिले के सिवाना थाना क्षेत्र में मवड़ी गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार शाम एक तेज रफ्तार एसयूवी कार के अनियंत्रित होकर पलट जाने से दर्दनाक हादसा हो गया।
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:32 PM IST
विस्तारFollow Usनव वर्ष के मद्देनज़र अजमेर जिला पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। नव वर्ष को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने को लेकर पुलिस प्रशासन ने शहरभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के नेतृत्व में शहर में पैदल मार्च निकाला गया।
बड़ा बोनस, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
वॉच गेम विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश में ठंड और कोहरे का असर और गहरा होता जा रहा है। गुरुवार सुबह प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान लुढ़क गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में हालात इतने सख्त रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं। ठंड का असर पढ़ाई पर भी पड़ा है। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए आदेश जारी किए हैं कि अब आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:41 AM IST
कमेंट,







