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️साइन अप,विस्तारFollow Usपहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की धार और तेज कर दी है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां दिन की धूप भी राहत नहीं दे पा रही और रातें कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। सोमवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं का मेल लोगों के लिए दोहरी मार बन गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक इसी तरह की सख्त ठंड बनी रहेगी, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ग्वालियर-चंबल में ठंड का असर ज्यादा तीखा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.5, दतिया में 20.1 और श्योपुर में 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
विस्तारFollow Usपटना समेत कई जिलों में धूप ने ठंड से थोड़ी राहत दी है। यह स्थिति पांच दिनों तक रहेगी। इस कारण न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री तक वृद्धि होगी। हालांकि, धूप रविवार को भी निकली थी लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली थी। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक ठंड समस्तीपुर में पड़ी। यहां का न्यूनतम तापमान चार डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा 15 जिलों का तापमान साढ़े आठ डिग्री से कम रहा। शाम होते ही एक बार फिर कनकनी बढ़ने लगेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में फिलहाल मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा और अगले पांच दिनों तक दिन में खिली धूप निकलने की संभावना है, जबकि सुबह के समय कुहासा धीरे-धीरे कम होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 17 जनवरी के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद ठंड बढ़ेगी। आसमान में बादल भी छाए रहने के आसार है। कुछ इलाकों मेें बूंदाबांदी भी हो सकती है।
वीडियो, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:03 AM IST
विस्तारFollow Usबेमेतरा जिले में एक सड़क हादसे में सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई है। बच्ची अपनी मां के साथ थी व बस से उतर कर सड़क की दूसरी ओर जा रहीं थी। तभी तेज रफ्तार कार चालक ने इन लोगों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। यह हादसा बेमेतरा के पास नेशनल हाईवे स्थित ग्राम ओड़िया में हुआ है। मिली जानकारी अनुसार मां पुष्पा निर्मलकर व उसकी दो बेटी मुस्कान निर्मलकर 13 वर्ष, सिद्धि निर्मलकर 7 वर्ष बेमेतरा से बस में बैठकर ग्राम ओड़िया पहुंचे।
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में चार दिन पहले शनिवार से शुरू हुए डायरिया के प्रकोप में अब तक जहां दो मौतें हो चुकी हैं, तो वहीं 200 से अधिक प्रभावित अब तक इलाज कराने सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंचे हैं। यहां की एमार्गिद पंचायत के आजाद नगर और काला बाग क्षेत्र के साथ ही सिंधीपुरा, आलमगंज और लोहारमंडी क्षेत्र में डायरिया का सबसे अधिक असर देखने को मिला है, जिसका कारण इस क्षेत्र में पीने के गंदे पानी की सप्लाई होना बताया जा रहा है।
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:07 PM IST
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छोटा ईज़ी विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के नावरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाकड़ी वन चौकी में तैनात विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के एक हवलदार की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 58 वर्षीय हवलदार कैलाश धुर्वे के रूप में हुई है, जिनकी चार दिन पहले ही छिंदवाड़ा से यहां पदस्थापना हुई थी।
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।
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